बिहार सरकार ने राज्य में स्वरोज़गार, उद्योग एवं उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (MMUY) की शुरुआत की है। यह योजना वर्ष 2018-19 में राज्य के उद्योग विभाग द्वारा शुरू की गई थी ताकि युवाओं को सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जा सके। इस योजना का उद्देश्य है कि युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST), अति पिछड़ा वर्ग (EBC) तथा अल्पसंख्यकों को स्वयं का व्यवसाय आरंभ करने में सहायता मिले तथा बेरोज़गारी, पलायन एवं आर्थिक पिछड़ेपन की समस्या को आंशिक रूप से कम किया जा सके।
Mukhyamantri Udyami Yojana Overview
| विषय | विवरण |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (Mukhyamantri Udyami Yojana), बिहार |
| शुरुआत वर्ष | वर्ष 2018-19 |
| लॉन्च करने वाला विभाग | उद्योग विभाग, बिहार सरकार |
| मुख्य उद्देश्य | राज्य के युवाओं, महिलाओं, SC/ST, EBC और अल्पसंख्यकों को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक सहायता देना |
| कुल वित्तीय सहायता | ₹10 लाख तक |
| अनुदान राशि (Grant) | ₹5 लाख |
| बिना ब्याज ऋण (Loan) | ₹5 लाख |
| ब्याज दर | शून्य या बहुत कम (लगभग 1% तक) |
| पात्रता आयु | 18 से 50 वर्ष |
| शैक्षणिक योग्यता | न्यूनतम इंटर (10+2), ITI, पॉलिटेक्निक या समकक्ष |
| लाभार्थी समूह | SC/ST, EBC, महिला, अल्पसंख्यक, युवा उद्यमी |
| आवेदन प्रक्रिया | पूरी तरह ऑनलाइन — udyami.bihar.gov.in |
| चयन प्रक्रिया | कम्प्यूटरीकृत लॉटरी (Randomized Selection) |
| प्रशिक्षण | चयनित लाभार्थियों को उद्यम प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाता है |
| उद्देश्य | बेरोज़गारी, पलायन और आर्थिक पिछड़ेपन को कम करना |
| योजना का महत्व | बिहार में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम |
Mukhyamantri Udyami Yojana मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के उद्देश्य एवं महत्व
इस योजना के माध्यम से बिहार सरकार ने कई महत्वपूर्ण उद्देश्य निर्धारित किए हैं। इसका प्रमुख लक्ष्य राज्य के युवाओं और महिलाओं को स्वरोज़गार की दिशा में प्रेरित करना है, ताकि वे सरकारी नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकें। इसके अंतर्गत सरकार द्वारा स्वरोज़गार और लघु उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देकर बेरोज़गारी और पलायन जैसी गंभीर समस्याओं को कम करने का प्रयास किया गया है। साथ ही, उद्योग स्थापना के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करने की व्यवस्था भी की गई है।
इसके अतिरिक्त, इस योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST), पिछड़ा वर्ग (OBC), महिला एवं अल्पसंख्यक जैसे वंचित समूहों को उद्यमशीलता के अवसर देकर समाज के आर्थिक संतुलन को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल रोजगार सृजन में वृद्धि होती है बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में लघु और माइक्रो उद्योगों की सक्रिय भूमिका भी स्थापित होती है। इन उद्देश्यों के कारण मुख्यमंत्री उद्यमी योजना बिहार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुधारने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है।
Mukhyamantri Udyami Yojana (मुख्यमंत्री उद्यमी योजना ) की मुख्य विशेषताएँ
इस योजना की कुछ प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- चयनित लाभार्थियों को ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- इस सहायता में लगभग ₹5 लाख तक अनुदान (grant) के रूप में और ₹5 लाख तक ऋण (loan) के रूप में बेज़ ब्याज या न्यूनतम ब्याज पर दिया जाता है।
- ब्याज नहीं लिया जाता (कुछ श्रेणियों में 1% तक न्यूनतम ब्याज हो सकता है)।
- आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा किया जाता है और चयन में कम्प्यूटरीकृत लॉटरी/रेंडमाइजेशन प्रणाली अपनाई जाती है।
- युवाओं एवं महिलाओं के लिये प्रशिक्षण अनिवार्य है, तथा उपयोगिता प्रमाण-पत्र (utilization certificate) और समय पर दस्तावेज अपलोड करना भी जरूरी है।
- योजना अंतर्गत आने वाली श्रेणियाँ,जैसे अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमी, अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी, महिला उद्यमी, युवा उद्यमी, अल्पसंख्यक उद्यमी।
Mukhyamantri Udyami Yojana (मुख्यमंत्री उद्यमी योजना ) की पात्रता एवं लाभार्थी समूह
इस योजना के अंतर्गत नीचे दिए गए पात्रता-दण्ड एवं लाभार्थी समूह बनाये गये हैं:
| मानदण्ड | विवरण |
| निवासीता | बिहार का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। |
| लक्षित समूह | महिला, युवा, अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST), अति पिछड़ा वर्ग (EBC), अल्पसंख्यक। |
| आयु सीमाएँ | सामान्यतः आवेदनकर्ता की आयु 18-50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। |
| शिक्षा योग्यता | न्यूनतम 10+2 (इंटरमीडिएट) या ITI/पॉलिटेक्निक/डिप्लोमा या समकक्ष होना चाहिए। |
| व्यवसाय की प्रकृति | नया व्यवसाय स्थापित करना है, पहले से चल रही इकाई या अन्य योजना लाभ प्राप्त इकाई द्वारा आवेदन नहीं माना जाता है। |
| अन्य निषेध | सरकारी नौकरी या ठेका नौकरियों में माहवारी (मासिक) वेतन ₹15,000 से अधिक होने पर आवेदन नहीं किया जा सकता। लाभार्थी पहले से अन्य उद्योग विभाग की अन्य योजना जैसे PMEGP आदि का लाभ नहीं ले रहा हो।) |
Mukhyamantri Udyami Yojana की आवेदन प्रक्रिया एवं चयन

इस योजना में आवेदन से लेकर चयन तक की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- आवेदक को आधिकारिक पोर्टल udyami.bihar.gov.in पर जाकर “लॉग इन / पंजीकरण” करना होगा।
- आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण, पात्रता, व्यवसाय-परियोजना (project) की जानकारी, लागत अनुमान आदि भरना होगा।
- आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार, बैंक खाता, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र आदि अपलोड करना होगा।
- आवेदन जमा होने के बाद जिलेवार लक्ष्य के अनुरूप कम्प्यूटरीकृत रेंडमाइजेशन/लॉटरी से चयन किया जाता है।
- चयनित लाभार्थी को पहले छह-दिन का प्रशिक्षण (पहला अवसर) दिया जाता है, यदि अनुपस्थित रहे तो पात्रता रद्द हो सकती है।
- चयनित लाभार्थी को प्रथम किस्त जारी की जाती है। फिर उपयोगिता प्रमाण-पत्र निर्धारित समय में जमा करना होगा। उसके बाद दूसरी एवं तीसरी किस्त जारी की जाती है।
- लाभार्थी को निर्धारित खर्च अनुपालन करना होगा, प्रशिक्षण पूरा करना होगा तथा निर्धारित समय पर प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा। इन शर्तों का पालन नहीं करने पर तीसरी किस्त नहीं दी जाएगी।
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Mukhyamantri Udyami Yojana (मुख्यमंत्री उद्यमी योजना ) द्वारा मिलने वाले लाभ
इस योजना के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- स्वरोज़गार बनाना आसान – नौकरी के भरोसे के बजाए अपना उद्यम स्थापित करने का अवसर।
- वित्तीय बोझ कम – करीब 50% अनुदान एवं 50% ऋण मॉडल, ऋण पर अधिकांशतः ब्याज नहीं।
- गारंटी-हीन ऋण – किसी बड़े गारंटर की आवश्यकता नहीं होती है (योजना में गारंटी मुक्त की बात कही गयी है)।
- प्रशिक्षण एवं उद्यम-ज्ञान – चयनित लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है जिससे उन्हें उद्यम चलाने की क्षमता विकसित होती है।
- विशेष लक्षित समूहों का सशक्तीकरण – महिलाओं, SC/ST, EBC आदि को लक्षित करके सामाजिक एवं आर्थिक समावेशन को बढ़ावा।
Mukhyamantri Udyami Yojana की चुनौतियाँ एवं सुधार के सुझाव

हालाँकि योजना के अनेक फायदे हैं, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी सामने आई हैं एवं उन्हें ध्यान में रखते हुए सुधार की आवश्यकता है:
- दस्तावेज एवं प्रशिक्षण अनुपालन: कई बार लाभार्थी निर्धारित समय में उपयोगिता प्रमाण-पत्र अपलोड नहीं करते, प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहते हैं, जिससे किस्त बाधित होती है।
- व्यवसाय संचालन की क्षमता: सिर्फ वित्तीय सहायता मिल जाना पर्याप्त नहीं; व्यवसाय चलाने, मार्केटिंग, प्रशासन आदि की क्षमता का अभाव भी एक बाधा है। सुझाव है कि लाभार्थियों को निरंतर मेंटरिंग/सपोर्ट दी जाए।
- परोपकारी इकाइयों की मॉनिटरिंग: चयनित परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और लाभार्थी के व्यवसाय की प्रगति पर निगरानी जरूरी है ताकि निष्प्रभावी इकाइयाँ बंद न हों।
- साझेदारी-परिस्थितियों का अभाव: ग्रामीण एवं पिछड़ा क्षेत्रों में बाजार-लिंक, संसाधन एवं नेटवर्किंग की कमी देखने को मिलती है। सुझाव है कि इंडस्ट्री-डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क से जोड़ने हेतु राज्य-स्तरीय प्लेटफार्म तैयार किया जाए।
- जागरूकता की कमी: कई योग्य व्यक्ति इस योजना के बारे में पूरी जानकारी न होने के कारण लाभ नहीं ले पाते। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण शिविर, जागरूकता अभियान अधिक सक्रिय होने चाहिए।
(FAQs): about Mukhyamantri Udyami Yojana
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना क्या है?
Mukhyamantri Udyami Yojana बिहार सरकार की एक पहल है, जिसके अंतर्गत राज्य के युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST), अति पिछड़ा वर्ग (EBC) और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका उद्देश्य बेरोज़गारी कम करना और स्वरोज़गार को बढ़ावा देना है।
Mukhyamantri Udyami Yojana के तहत कितनी राशि दी जाती है?
इस योजना के तहत चयनित लाभार्थी को ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसमें ₹5 लाख अनुदान (grant) के रूप में और ₹5 लाख बिना ब्याज ऋण (interest-free loan) के रूप में प्रदान किए जाते हैं।
Mukhyamantri Udyami Yojana के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
बिहार का कोई भी स्थायी निवासी जिसकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच हो और जिसने कम से कम इंटर (10+2), आईटीआई या पॉलिटेक्निक की पढ़ाई पूरी की हो, वह आवेदन कर सकता है। आवेदक अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिला या अल्पसंख्यक श्रेणी से होना चाहिए।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदक को आधिकारिक वेबसाइट udyami.bihar.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना होता है। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके आवेदन फॉर्म भरना होता है। चयन कम्प्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाता है।
Mukhyamantri Udyami Yojana से क्या लाभ होते हैं?
इस योजना से लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के साथ-साथ उद्यम चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यह योजना राज्य में बेरोज़गारी घटाने, आत्मनिर्भरता बढ़ाने और वंचित वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में एक बड़ी पहल है।
निष्कर्ष
Mukhyamantri Udyami Yojana (बिहार) स्वरोज़गार एवं लघु-उद्योग स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना विशेष रूप से बिहार के उन वर्गों के लिए उपयोगी है जिन्हें पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था एवं गारंटी-आधारित ऋण प्राप्त करना कठिन रहा है। 10 लाख रुपये तक की सहायता, अनुदान-ऋण मिश्रण, प्रशिक्षण एवं गारंटी-मुक्त मॉडल इसे एक आकर्षक विकल्प बनाते हैं।
आगे बढ़ते हुए, यह अपेक्षित है कि चयन-प्रक्रिया, प्रशिक्षण कार्यक्रम, मॉनिटरिंग एवं व्यवसायिक समर्थन में और नवोन्मेष आएं, जिससे बिहार में नए-नए छोटे उद्योग खड़े हों और युवाओं, महिलाओं एवं अन्य लक्षित समूहों को वास्तविक रूप में आर्थिक सशक्तीकरण मिले।


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